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Ruaab

बचपन में बच्चों के व्यक्तित्व में जो भी उभार नज़र आता है, उसे आम भाषा में बंदरबाजी कहा जाता है। बंदर और बच्चों के स्वभाव में यही बंदरबाजी कला की अनोखी झलक पैदा करती है। इसी बंदरबाज़ी ने शरारत के रूप में लेखक को रंगमंच से जोड़ दिया। वे सातवीं कक्षा से ही रंगमंच से जुड़ गए।

वे कवि के साथ-साथ नाट्य लेखक भी बन गया। 1965 में दार्जीलिंग में संत एल्फॉन्सस हायर सेकेंड्री स्कूल कर्सियांग में पढ़ते हुए उन्होंने आकाशवाणी कर्सियांग के लिए कई रेडियो नाटक लिखे, जिनका संकलन “समर्पण का मूल्य” नाम से प्रकाशित हुआ। इसी क्रम में त्रिअंकीय नाटक “रुआब” का जन्म हुआ।

साहित्य कला-परिषद दिल्ली ने 29 मई 1987 के कार्यक्रम में इसे पुरस्कार के लिए नामित किया। यह नाटक आज भी मौजूं हैं।

Price ₹349.00

White Tiger - Customs ke...

वह 60 का दशक था, जब भारत में इफरात तस्करी होती थी। इसके खिलाफ सबसे धारदार और ताकत के साथ कस्टम्स ने लड़ाई शुरु।

1962 में महाराष्ट्र के छोटे से गांव के एक चतुर, निडर, दुःस्साहसी युवक काजी एस कमर का कस्टम्स में आगमन हुआ। काजी कमर ने 40 साल देश सेवा की। काजी कमर की खतरनाक गिरोहबाजों करीम लाला, वरदराजन मुदलियार, हाजी मस्तान, युसूफ हीरो, दाऊद इब्राहिम, टाईगर मेमन, गुजरात व दमन-दीव के सुकुर नारायण बखिया से सीधी भिड़ंत हुईं। उनकी बहादुरी के चर्चे पूरे देश में होते। 

उनके सैंकड़ों कारनामे और किस्से हैं, जो किसी फिल्मी कहानी के मुकाबले अधिक रोचक और मनोरंजक हैं। इस किताब में ऐसे ही दर्जनों किस्से शूमार हैं। उनकी जिंदगी के अनछुए पहलू सामने आते हैं, कस्टम्स और डीआरआई के तौर तरीके समझे जा सकते हैं, उस दौर की तस्करी का हर राज खुल कर सामने आता है।

Regular price ₹599.00 Price ₹400.00

F5 - Zindagi ka Refesh Button

F5 is a dynamic exploration of personal transformation, diving into the idea that small, intentional shifts in mindset and behavior can unlock profound life changes. By mastering our inner world, we cultivate deeper relationships and unlock new paths to professional success. The title 'F5' embodies the book's core message: hitting refresh on our lives to achieve growth, fulfillment, and accomplishment. The book is structured into four sections—Alt, Ctrl, Esc & Enter—each offering unique insights and strategies for transformation, helping readers break free from limitations and achieve their full potential. With practical advice and real-life examples, F5 empowers readers to take control of their lives and create lasting change, leading to a  purposeful & successful life.

Price ₹249.00

BLOOD TRAIL TO FREEDOM

When Empires Invade, Legends Are Forged

In 1758, the mountain fortress of Kalat-Balochistan stood encircled by the vast Afghan army of Ahmed Shah Durrani, the conqueror who had defeated the Marathas and humbled the Mughal Empire. Against him stood Mir Nasir Khan I Ahmadzai—outnumbered, besieged for forty days, abandoned by allies, and forged by eleven years of exile in Persia.

With no certainty of survival and no promise of victory, Nasir Khan chose defiance.

Blood Trails to Freedom: The Birth of Balochistan is a gripping historical novel of siege warfare, political strategy, and national awakening. It tells the true-inspired story of how fractured tribes became a nation—and how courage, when sharpened by conviction, can challenge even an empire.

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Price ₹499.00

YASHASWI BHAVA

एक वक्त रहा है, जब “प्रभात फेरी” वाले गाते लोग हर सुबह हर गली-मुहल्ले से गुज़रते थे। उन प्रभात फेरी गीतों से अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ़ राष्ट्रीय भावना जगाई जाती थी। उन दिनों बच्चे भी गुनगुनाते थे, “मेरी माता के सर पर ताज रहे”, “विजयी विश्व तिरंगा प्यारा” और “सर जाये तो जाये पर आज़ादी घर आये।” आजादी आई, सब सामान्य हो गई। सारा देश प्रगति पथ पर चल दिया।

1962 में भारत चीन के समय देशभक्ति कविताओं-गीतों का ज़बरदस्त  उबाल आ गया। लेखक की कलम ने भी राष्ट्र-प्रेम की कविताएं रच डालीं, जो मंचों और पत्र-पत्रिकाओं के ज़रिए लोगों तक पहुँचीं। 1971 के पाक-भारत युध्द के बाद सब शांत हो गया। आकाशवाणी में कार्यरत ये कविताएं और गीत लगातार लेखक के कानों में गूंजते रहे, उनकी क़लम भी अनवरत सृजनशील रही। 

इस संग्रह के कई गीत आकाशवाणी के कोरल ग्रुप द्वारा समूहगान के रूप में ध्वन्यांकित और प्रसारित होते रहे हैं।

Price ₹249.00

Vansh Ka Ansh

जीवन के प्रति पूरा भरोसा, कुछ नया जानने की ललक और भागीदारी की भावना जितनी बलवती बच्चों में होती है, उतनी बड़ों में नहीं होती। वे निष्कपट व न्यायप्रिय होते हैं। वे बड़ों की बनिस्बत अधिक सहृदय तथा संवेदनशील होते हैं।

बच्चों के लिए बड़े जो भी लिखते हैं, प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप में उद्देश्य पूरक होता है। 

इस बाल गीत संकलन के गीत, बच्चों की दुनिया को, बड़ों की दुनिया से जोड़ता है; प्रकृति, ऋतुओं तथा पर्यावरण की ओर उनका ध्यान खीचते हैं; माता-पिता, भाई-बहन, दादा-दादी, नाना-नानी और परम शक्ति के ज़रिए कृतज्ञता, सत्कर्म, सद्गुण और स्वस्थ मानवीय मूल्य रोपने की प्रेरणा देते हैं। ये गीत संस्कार के अदृश्य धरातल पर निर्मित हैं। इनमें से अधिकांश गीत आकाशवाणी मुंबई से प्रसारित हो चुके हैं तथा कई वृंदगान में रिकॉर्ड होकर प्रसारित होते रहते हैं।

Price ₹249.00

Dil Se Dil Tak

बदलते समय के साथ सब बदलता है, मान्यताएं बदलती हैं, परिभाषाएं, कीमतें, विचार, काम का तरीक़ा, बातों का अंदाज़, न जाने क्या-क्या बदलता है। जो नहीं बदलता, वह छिन्न-भिन्न हो जाता है। जो नहीं बदलता, और जिसका समय भी बाल-बांका नहीं कर पाता, वह है सत्य। सत्य समझौता नहीं करता, यदि करे, तो सत्य नहीं रह जाता।

कवि का धर्म है सत्य को उकेर कर पटल पर प्रस्तुत करना, उसके अमिट रूप को सही रंग भर कर उसे धूमिल होने से बचाना। सत्य को देखने, उसमें रंग भरने का हर कवि-चित्रकार का अपना नज़रिया होता है। इस दृष्टि से लेखक की हर कविता में जो सत्य अभिव्यक्त हुआ है, वह दूसरे को दृष्टि-दोष लग सकता है, पर सत्य तो सत्य ही रहता है। संग्रह की कविताएं कितनी खरी उतरी हैं, यह पाठक ही बताएंगे।

इस संग्रह की रचनाएं 1977 से 2011 के बीच रची गई हैं, कई आकाशवाणी से प्रसारित, पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हैं, मंच से पढ़ी जा चुकी हैं।

Price ₹299.00

Pankh Apane Khol

डॉ. राजेंद्र संजय का दूसरा काव्य संग्रह - पंख अपने खोल - है। उनका पहला काव्य संग्रह शब्द मेरे 1971 में प्रकाशित हुआ था। साढ़े तीन दशकों के अंतराल बाद जब पंख अपने खोल आ रहा है, तो उसमें बहुत कुछ कहने-सुनने की अपेक्षा होनी है। 

1972 से अब तक डॉ. राजेंद्र संजय के लिखे गीत पंख अपने खोल काव्य संग्रह में संकलित हैं, जिनमें अधिकांश रेडियो से समूह गान के रूप में रिकॉर्ड और प्रसारित होते रहे हैं। इसके अलावा कई पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं।

एक गीत 1960 में प्राक-विश्वविद्यालय की वार्षिक परीक्षा के दौरान लेखक ने रचा था, जिसकी प्रति कागज़ों के अंबार में खो गई थी और जिसकी उन्हें याद भी नहीं रह गई। कुछ साल पहले अचानक वह अवतरित होकर लेखक के हाथ लग गई, जिसे संग्रह में सम्मिलित किया है।

Price ₹249.00

Chinti Aur Hathi

लोरी दो अक्षरों का ताना-बाना है, जिस पर पूरे जीवन का दारोमदार है, जो संस्कार के प्लास्टर से जीवन की दीवारों को सुगढ़, सुंदर तथा टिकाऊ बनाने में सक्षम है।
लोरी पूरे जीवन को निश्चित आकार देती है। यह लोक साहित्य की देन है जबकि संस्कृत जीवन-पध्दति लोरी की देन है
, जो बच्चों के भविष्य-जीवन की रूपरेखा निर्धारित करती है। लोरी के लिए कवि-हृदय नहीं, मातृ-हृदय की जरूरत होती है।
इस बाल काव्य संग्रह की लोरियों की रचना में यही पृष्ठभूमि दिखती है। हमारी ये सांस्कृतिक विरासत लोप न हो जाए, इस दिशा में सतत रचनात्मकता जरूरी है। पुस्तक की अधिकांश लोरियां पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित तथा आकाशवाणी से प्रसारित हो चुकि हैं। इन लोरियों के साथ बच्चों में लोकप्रिय “चींटी और हाथी” की बेमिसाल दोस्ती की कथा भी जोड़ी गई है, जिसका बाल साहित्य में अलग स्थान है.

Price ₹249.00
Raktap
  • On sale!
  • -₹99.00

Raktap

मनोविकार या मनोरोग की दुनिया किसी इंद्रजाल से कम नहीं। यह सम्मोहक, डरावनी, रहस्यमई, दहशनाक, विकट, करिश्माई, तिलिस्मी, गूढ़, हैरतअंगेज, जादुई, भेदक, विपुल संभावनाओं से भरी है।

स्कीजोफ्रेनिया ऐसा मनोरोग है, जिसके मरीज खुली आंखों से ख्वाब देखते हैं।  मीरा रोड और रायपुर के दो मामले हमारे सामने हैं, मीरा रोड में एक बेटे ने मां की हत्या कर दी, रायपुर में एक युवक ने मां, पिता और प्रेमिका की हत्याएं कीं।

रक्तप का मुख्य पात्र पवन प्रभाकर एक मासूम कातिल है। पवन का वर्तमान और भूतकाल, तो किताब में हैं लेकिन भविष्य क्या होगा, यह काल के गाल में समाया है।

पवन एक मनोरोगी है, जो लोगों की हत्याएं करता दिखता है लेकिन दोस्त, रिश्तेदार, परिचित, सहयोगी, सहकर्मी, ग्राहक, सब उससे खुश हैं। इसके बावजूद कोई उसे हत्यारा या अपराधी क्यों नहीं मानता!? इसी सवाल का जवाब रक्तप में है।.

Regular price ₹399.00 Price ₹300.00

Maidaan-e-Ishq

 True Story That Awakens Passion for Sports and Love 

Books come in many forms. Some narrate events, some weave enchantment, and some transport you into a world where you feel that the book somehow belongs to you as well. I place my book into the third category of books under spiritual creativity—a kind of creation that carries you along with it.

My book Maidan-e-Ishq falls into this very category. I have mentioned  that this book is the story of a boy immersed in the love of cricket. In fact, sport is something naturally embedded within us. Some people become players, while others become masters of observing and analyzing the finer details of the game. In everyday language, we call such people sports enthusiasts—and I am a true   lover of cricket.

Price ₹399.00

Raktbambal - Raktranjit...

सारा संसार रक्तपिपासु अपराधियों से भरा लगता है। यही हाल कमोबेश सर-जमीने हिंदुस्तां की है। मैं जिस तरफ निगाह उठाता हूं, खून की होली खेलते अपराधी नजर आते हैं। कोई पेशेवर है, तो कोई रिश्तेदारों से हलाकान होकर हत्याएं कर रहा है। चारों तरफ, हर दरीचे, हर दरवाजे, हर गली-नुक्कड़-चौराहे पर रक्त बहता दिख रहा है।

ये रक्तरंजित कहानियां समाज की उस कठोर सच्चाई से रूबरू कराती हैं, जिसे अखबारों में पढ़ कर हम भूल जाते हैं। इन कहानियों के रक्तपिपासु अपराधियों के मनोविज्ञान और रक्तकर्म के कारण भी सामने आते हैं। ये कहानियां अपराध जगत की कथाएं नहीं बल्कि समाज की पोशिदा सच्चाई उजागर करती हैं। यह आकलन करने का मौका देती हैं कि अपराध रोकने में हम क्यों असफल हैं। ये कहानियां सत्य का प्रतिपादन करती हैं, ना कि अपराध और अपराधियों का महिमामंडन। रक्तबंबाल की कहानियों में समाज के हर हिस्से की आपराधिक कहानियां हैं।

Regular price ₹399.00 Price ₹300.00

365°

365° is a book that cannot be confined within the limits of a formal  introduction. The book flows unrestrained like a waterfall, revealing how small improvements in your self-perception and behavior hold the power to completely transform your life. A power that brings happiness to your relationships with others and unveils new paths to success in your professional life.  The content of 365° is divided into three parts. The first part focuses on how our behavior towards others should be.  The second part illustrates how focusing on small details can create significant changes in our lives, while the third part presents fundamental thoughts based on the life, world, nature, relationships, emotions, and more.  

Price ₹199.00

Rangmanch Natya Shilp

भारतीय मान्यता है कि ब्रम्हा ने ऋग्वेद से शब्द, सामवेद से गीत-संगीत, यजुर्वेद से अभिनय तथा अथर्ववेद से रस लेकर नाट्यवेद की रचना की। यह नाटक दैनिक जीवन में मनुष्य के साथ गहराई से जुड़ा हुआ है। जब तक मानव के पास मन है, आघात-प्रत्याघात का स्पंदन है तबतक मनुष्य के अंदर-बाहर नाटक चलता रहता है। सुख-दुःख, हास्य-रुदन, मिलन-विरह, प्रेम-घृणा, समर्पण ईर्ष्या, दोस्ती-दुश्मनी, आदि अपने-अपने रंग-रूप दर्शाते रहते हैं।

नाटक चाहे अभिजात्य वर्ग के लिए हो या जनसाधारण के लिए लोकनाटक, सबका उद्देश्य होता है मनुष्य के विभिन्न मनोभावों को उकेरना। नाटकीय ढंग से उकेरे गए इन मनोभावों का असर दर्शकों पर कमाल का होता है। दर्शक इसी कमाल के चलते नटों (कलाकारों) के फैन बन जाते हैं।

Price ₹299.00
Yaksh Prashn
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Yaksh Prashn

ये छोटे-छोटे व्यंग्य यक्ष-युधिष्ठिर संवाद रूप में जब सामने आते हैं, तो हर उस बात पर व्यंग्य करते चलते हैं, जो लेखक समाज में देखता है। एक - दो पन्नों के लेख में रचना तत्व तो व्यंग्य विधान का है लेकिन प्राचीन आख्यानक के जरिए प्राचीन और अर्वाचीन की तुलना करते जाने से अधिक पैनापन आया है। वक्त की सलीब पर लटके यक्ष और युधिष्ठिर जैसे पात्र जब प्रश्न एवं उत्तर उपस्थित करते हैं, तो उनमें यथार्थ के अनगिन शूल मन में धंसते जाते हैं। ये व्यंग्य रिपोर्ताज श्रेणी का लेखन है, जो इन दिनों कम ही देखने में आता है। विवेक अग्रवाल चूंकि एक पत्रकार हैं, वे सामाजिक-राष्ट्रीय विषयों पर पैनी निगाह रखते हैं, जिसके चलते इन पर तंज करने से भी नहीं चूकते हैं। 

Price ₹199.00

Vriksham Sharanam Gachhami

वृक्ष हमारे जीवन का अविभाज्य अंग हैं। वृक्षों के बिना जंगल और जंगल के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। जंगल हमारे पर्यावरण को परिष्कृत, सुरक्षित और संतुलित रखते हुए हमारे जीवन को रोगमुक्त तथा दीर्घायु बनाने की क्षमता रखते हैं। परंतु इस सत्य को दरकिनार कर जंगलों का कटना अबाध रूप से जारी है। इसका विपरीत प्रभाव न केवल पर्यावरण पर पड़ रहा है, बल्कि जीवों का अस्तित्व भी ख़तरे में पड़ गया है।

लोगों में पर्यावपण के प्रति जागृति भरने के लिए ‘वृक्षम् शरणम् गच्छामि’, ‘रहिमन पानी राखिए’, ‘ये आबादी कितनी बर्बादी’, ‘प्राणवायुः शत-शत प्रणाम’, ‘स्वच्छता देवालय है’ तथा ‘ध्वनि प्रदूषण है खरदूषण’ की रचना हुई। लोक नाट्यों को संक्षिप्त संस्करण के रूप में लेखक ने गायन व वाचन कर आकाशवाणी मुंबई ने धारावाहिक रूप में प्रसारित करके लोकहित में एक महत उद्देश्य की पूर्ति करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

Price ₹499.00

Environmental Challenges...

Desire propels humanity, shaping societies either constructively or destructively. While luxury is an inherent human aspiration, unchecked consumption accelerates environmental degradation. Modern households, inundated with consumer goods—sprays, detergents, plastic bags, and vehicles—contribute to pollution and ecological imbalance. Aerosols deplete the ozone layer, air conditioners exacerbate indoor pollution, and industrial expansion poisons water bodies. The relentless march of industrialization and urbanization suffocates the environment, from vehicular emissions to the toxic byproducts of energy production.

Price ₹499.00

BHOJPURI FILMOGRAPHY AUR...

पुस्तक में भोजपुरी फिल्मोग्राफी और इंडेक्स है, जो पहली फिल्म से 90 के दशक के अंतक की तमाम जानकारी समेटे है। ये काम जितना आसान लगता है, उतना है नहीं। पत्र-पत्रिकाओं में इनकी सामग्री नहीं मिलती थी, ना कहीं रिकॉर्ड उपलब्ध थे। सरकारी, गैर-सरकारी और निजी संस्थाओं में भी नहीं थे। लेखक ने दर्जनों जगहों से सारे विवरण जुटा कर बरसों की गोर तपस्या से यह किताब तैयार की है। फिल्म-उद्योग पत्रिका ट्रेड गाईड का भी गहन सहयोग मिला। पुस्तक के दोनों हिस्से यानी इंडेक्स औरफिल्मोग्राफी संकलित हुए हैं

भोजपुरी फिल्मों के साथ दूसरी बोलियों मगही, मैथिली, अवधी, ब्रजभाषा, बुंदेली, मालवी, छत्तीसगढ़ी, गढ़वाली, कुमाऊनी, राजस्थानी तथा उनसे निकली नेपाली भाषा की पहली फिल्म से स 1999 तक बनी फिल्मों का इंडेक्स भी इस पुस्तक में शामिल है।

यह शोध कार्य शिक्षा संस्थानों तथा शोधार्थियों के लिए बहुत ही उपयोगी है। 

Price ₹499.00

Kamathipura

कमाठीपुरा किताब की तमाम कहानियां लेखक ने अपनी पत्रकारिता के दिनों में देखीं, भोगीं और जी हैं। कमाठीपुरा से लेखक ने पत्रिकारिता के दिनों में मुंबई अंडरवर्ल्ड, पुलिस तथा खुफिया विभागों की खूब खबरें हासिल कीं। इसी दौरान लेखक ने यहां मानव तस्करी से बचाव के कई सफल अभियानों में हिस्सा भी लिया।

इस किताब की कहानियां हजारों वेश्याओं और तवायफों के बीच से निकली हैं। समाज की आखिरी पांत में खड़ी इन औरतों-लड़कियों के मैले-कुचैले, बदबूदार, हवा-रोशनी से महरूम कमरों और गलियारों के बीच चंद पल जीते हुए, उनके दुख की गलियों से गुजरते हुए, न जाने कितने किस्से लेखक के दिलो-दिमाग पर छपते रहे। अब किताब के जरिए ये कहानियां साझा की हैं।

Regular price ₹399.00 Price ₹300.00

Pinjra Naach

आर्केस्ट्रा डांसर की दुनिया भी निराली है। एक तरफ जहां बेड़िया समुदाय की लड़कियां पारंपरिक रूप से इन ऑर्केस्ट्रा में नाचती मिलती हैं, तो गर्ल चाइल्ड ट्रैफकिंग की शिकार लड़कियां भी आर्केस्ट्रा डांसर बनती है, वहीं कुछ लड़कियां बाखुशी इस पेशे में आती है। जरूरी नहीं कि वे सब वेश्यावृत्ति करें। उत्तेजित भीड़ को अपने करीब तक नहीं फटकने देती। 

बिहार राज्य में ही 2,000 से अधिक आर्केस्ट्रा पार्टी फुल टाइम लड़कियों के नाच-गाने पर ही चलती हैं। कोई गरीबी की वजह से, कोई आपातकालीन जरूरतों के कारण, कोई शौकिया तौर पर, कोई सिर्फ कमाई करने के लिए, तो कोई फिल्मों में एक रोल मिलने की चाहत में आर्केस्ट्रा पार्टियों के संचालकों की गुलाम बन मंचों पर नाचती हैं। एक तरफ आर्केस्ट्रा लोगों को रोजगार देते हैं, मनोरंजन करते हैं, तो दूसरी तरफ लड़कियों के लिए सुनहले पिंजरों में तब्दील हो जाते हैं।

Regular price ₹499.00 Price ₹300.00

Mastan - Mumbai Ka Midas

मुंबई अपराध जगत का ऐसा नाम, जिसके किरदार पर दर्जनों फिल्में बन गईं, न जाने कितने अखबारों और पत्रिकाओं के पन्ने रंगे गए, न जाने कितने घंटे खबरिया चैनलों पर खबरें और फीचर बन गए, दशकों तक लोगों की निगाहों का मरकज रहा, उसके नाम के चर्चे सड़क से संसद तक होते रहे... वह गजब का किरदार था। यह देश का सबसे बड़ा सोना तस्कर था - हाजी मस्तान मिर्जा।

हाजी मस्तान सीधा-साधा किरदार नहीं है। उसमें कई रंग है, उसके कई चेहरे हैं, इन चेहरों पर कई-कई नकाब हैं, उसकी कई जिंदगियां है; एक सीधी लकीर की मानिंद मस्तान का किरदार खींचना संभव नहीं। किसी के लिए वह अपराधी है, किसी के लिए फरिश्ता, किसी के लिए दोस्त है, किसी के लिए दुश्मन, किसी के लिए बेहतरीन खबर, किसी के लिए मददगार, किसी का रहनुमा, किसी का पथप्रदर्शक, किसी के लिए जलन का बायस, तो किसी के लिए फर्श से अर्श तक पहुंचने का करिश्माई व्यक्तित्व और सफलता की कहानी है।

Regular price ₹599.00 Price ₹400.00
Rogue Revenger
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  • -₹199.00

Rogue Revenger

A desperate clanging of cowbells in the ship-breaking yard of Gadani, Pakistan, could mean only one thing. Abdul Jabbaar, the tyrant, was hunting a man. When Xobeen returns from Karachi having topped the civil services exam, the brutality of his brother Feroz’s fate ruptures any sense of right and wrong. Consumed by vengeance and intent on dispensing his own brutal justice, he sees only one choice—the end of Abdul Jabbaar.

Armed with two fierce allies, Altaf and Tanvir, and the love of his life, Aisha, one common man’s voyage for justice sparks a deadly coup that spans continents and lands him at the heart of a rotten political system.

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Regular price ₹299.00 Price ₹100.00

Chambal ke Shorya

घोड़ों की टॉप, गरजती बंदूक, थर्राते बीहड़ यही चम्बल की पहचान दुनियां जहान को नज़र आती है। पर हकीकत यही सच नहीं। शौर्य, पराक्रम और स्वाभिमान की प्रतीक चम्बल घाटी के डाकुओं के आतंक ने भले ही हमारे देश की कई सरकारों को कई दशकों तक हिलाया हो। लेकिन बहुत ही कम लोग जानते हैं कि हृदय परिवर्तित होने पर चम्बल के इन्हीं बागियों ने दमनकारी अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ क्रांतिकारियों को न केवल हथियार व गोला बारूद मुहैया कराए बल्कि उनको सुरक्षित आश्रय देकर आजादी की लड़ाई में कंधे से कंधा मिला कर साथ भी दिया। ऐसे ही अनगिनत गुमनाम  क्रांतिकारियों को समर्पित है "चम्बल का शौर्य"

Price ₹249.00

Racer

माफिया सिरीज की सातवीं किताब, जिसमें अंडरवर्ल्ड और देश के तमाम रेसकोर्स में सबसे बड़े और विख्यात महालक्ष्मी रेसकोर्स की जमीन पर नियंत्रण, हजारों करोड़ के जुए-सट्टे पर कब्जे लेकर मचे घमासान और अंदरूनी रहस्यों का पर्दाफाश है। राजनेता, उद्योगपति, बिल्डर, फिल्मी हस्तियां, गिरोह सरगना के झगडे में फंसते हैं गरीब और ऐसे लोग, जिनका  इस दुनिया से कोई वास्ता नहीं। उपन्यास क नायक जॉकी पीसी सेठ क्या-क्या गुल खिला सकता है, उसके अंतस में झांकने की कोशिश है। रेसकोर्स की अंदरूनी राजनीति और क्लब पर नियंत्रण के होने वाली राजनीति, उसमें बने मोहरों के टकराव की खतरनाक अंदरूनी जानकारियों और सच्चे किस्सों-किरदारों से सजी किताब का नाम है - रेसर। ये तमाम नग्न सत्य का प्रकटन करता, सच्चे किरदारों से सजा विवेक अग्रवाल का उपन्यास रेसर आपको हर पल चौंकाएगा।

Price ₹499.00